जब कैमरा ऑन होता है, तो लोग सोचते हैं कि सामने जो हंस रहा है वही असली जिंदगी है। लेकिन जब बातचीत लंबी हो जाए, तो हंसी के पीछे की थकान भी दिखने लगती है।
Peddler Media के For Haryanvi by Haryanvi podcast में इस बार गेस्ट थे — Mahakaal Brothers के Deepak Malik। ऑस्ट्रेलिया में ट्रक चलाने वाला ये हरियाणवी लड़का आज सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का अपना बन चुका है।
ये बातचीत सिर्फ viral वीडियो की नहीं थी… ये थी एक देसी इंसान की असली journey। और सच बोलूं भाई… ये Podcast नहीं लगा। ये ऐसा लगा जैसे कोई अपना बंदा सामने बैठा है — और बिना filter के अपनी जिंदगी खोल रहा है।
Mahakaal Brothers Deepak Malik: ऑस्ट्रेलिया वाला हरियाणवी, मिट्टी वही
दीपक का नाम आते ही लोग जोड़ देते हैं — “ऑस्ट्रेलिया वाला।” वो खुद भी हंसकर कहता है कि भाई अभी हरियाणा में हूं, लेकिन नाम आवे तो ऑस्ट्रेलिया भी जुड़ जाए। फिर उसने एक बात कही जो बहुत बड़ी थी। पहले बाहर Haryana को कोई जानता ही नहीं था, पंजाब का सिस्टम चलता था। अब clubs में हरियाणवी गाने बजते हैं और गोरे भी बोलने लगे हैं कि Haryana भी इंडिया का एक स्टेट है। ये पहचान है, यही growth है।
Deepak Malik गुरुकुल से कॉलेज तक: बचपन का discipline और जवानी की हवा
जब हमने उससे पूछा कि बचपन कैसा था, तो वो हंस दिया — “सुधा तो लग नहीं रहा ना भाई?” फिर उसने बताया कि गांव में पढ़ाई हुई, फिर Gurukul भेज दिया गया। लंबी चोटी, व्यायाम, संध्या, पूरा discipline। घर वालों ने जैसे पूरा पंडित बना रखा था। लेकिन फिर कॉलेज की हवा लगी। उठना-बैठना बदला, खाना-पीना, पार्टी सब चालू हो गया। और फिर उसने वो किस्सा सुनाया जो हरियाणा का हर लड़का relate कर जाएगा। एक दिन ऑटो में बैठा और सामने मम्मी बैठी थी। दीपक बोला — भाई लाल हो गया, मम्मी ने आगे आके रपटा मारा। उस पल में comedy भी थी और reality भी।

Mahakaal Brothers Chandigarh Phase: confusion भी जिंदगी का हिस्सा है
Deepak की जिंदगी में कोई filmy planning नहीं थी। BTech में admission था, फिर बोल दिया कि मुझे BA करना है। छह-सात साल Chandigarh में निकल गए। वो कहता है कि छोड़ने का मन ही नहीं करा भाई, Chandigarh और सच यही है, यही वो youth वाला phase होता है जहां ना पूरी पढ़ाई होती है, ना साफ direction, बस जिंदगी चलती रहती है।
Mahakaal Brothers Australia का struggle: driving से हार्ड काम कोई नहीं
घर में होटल था, घर वालों ने कहा संभालो। Deepak ने साफ बोला कि भाई मेरा काम नहीं बनता, मैं manager नहीं हूं। फिर sister ने सीधा फैसला सुना दिया कि इन्हें बाहर निकाल दो, यहां सिस्टम खराब हो गया। और वहीं से Australia शुरू हुआ। लोग सोचते हैं विदेश मतलब आराम, लेकिन Deepak ने एक लाइन में काट दिया — driving से हार्ड काम कोई नहीं। 5300 किलोमीटर का route, तीन साल truck चलाया। ये वो struggle है जो reels में नहीं दिखता, बस इंसान को अंदर से मजबूत बना देता है।

TikTok Fame & Boom
फिर आया Mahakaal Brothers वाला viral phase. Deepak बोला कि TikTok पे तो हमने takeover कर रखा था। 8 million reach, और फिर YouTube… एक घंटे में 1 लाख subscriber। सुनने में सपना लगता है, लेकिन उसने honesty से कहा कि हमने इसे serious नहीं लिया, fun में ले गए। यही creator life की सबसे बड़ी सच्चाई है। Audience प्यार देती है, लेकिन जिंदगी टाइम नहीं देती।
Comedy scripted नहीं है, जिंदगी है
Deepak की viral lines जैसे “नजर लग गई भाई…” या “मैं लोती खाऊंगा…” ये सब planned नहीं था। भंडारी वाला random phone call भी ऐसे ही आया। वो कहता है कि सोच के बनाओ तो feeling नहीं आती, रैंडम में ही मजा है। शायद यही वजह है कि लोग उससे जुड़ते हैं, क्योंकि वो fake नहीं लगता।

Fake channels & identity theft
Podcast का सबसे serious मोड़ तब आया जब उसने बताया कि Mahakaal Brothers के नाम से fake YouTube channels चल रहे हैं। लोग message करते हैं कि आपने ये वीडियो क्यों डाली, जबकि उसने डाली ही नहीं। Deepak ने कहा — नाम आपका यूज़ हो रहा है, बिल भी आपके नाम फटेगा। आज internet पर fame से बड़ा struggle है अपनी identity बचाना।
सबसे बड़ी सच्चाई: झूठ चेहरे पर आ जाता है
Podcast में एक चीज बहुत साफ दिखी — Deepak Malik झूठ नहीं निभा सकते। वो खुद मानते हैं कि कुछ भी छुपाना हो तो चेहरे पर आ जाता है। यही वजह है कि उनकी बातचीत में एक देसी honesty है। वो over-smart बनने की कोशिश नहीं करते, ना कोई fake personality। शायद यही reason है कि Mahakaal Brothers की comedy भी लोगों को scripted नहीं लगती, वो जिंदगी जैसी लगती है।

हंसी के पीछे emotional भी है
Mahakaal Brothers दीपक मजाक करता रहा, लेकिन बीच में एक पल ऐसा आया जब उसने कहा कि कभी-कभी टाइम ऐसा होता है जब मिनट काटना मुश्किल हो जाए। बस इतना काफी था समझने के लिए कि हर हंसने वाला इंसान हमेशा हल्का नहीं होता। जिंदगी में fun चाहिए, लेकिन struggle भी साथ चलता है।
Mahakaal Brothers का डर: AI बढ़ेगा, लेकिन बैठक बचानी है
Ending में जब हमने पूछा कि 25 साल बाद हरियाणा कैसा होगा, तो Mahakaal Brothers ने बोला कि सब YouTuber हो जाएंगे, AI podcast बना देगा, लेकिन बैठक खत्म हो जाएगी। फिर अचानक serious होकर बोला — बैठक culture बचा के रखो भाई। और सच यही है, हरियाणा की जान reels नहीं, वो चार लोगों की बैठक है।

Haryanvi Industry का Parliament: कलाकारों की सरकार कैसी होगी?
Podcast का सबसे मजेदार segment तब आया जब बातचीत एकदम अलग दिशा में चली गई। हमने पूछा कि अगर हरियाणवी इंडस्ट्री की अपनी Parliament बने, अपना CM बने, तो कौन किस department में fit बैठेगा?
Deepak ने हंसते हुए कहा कि सबसे पहले तो CM बनाएंगे “Billa Mor” को। फिर transport में “भजन माजरा” जैसे लोग, क्योंकि वो ट्रॉलियों और रोडवेज का पूरा हिसाब किताब निकाल देंगे। Police department में कौन बैठेगा, इस पर भी देसी मजाक चला। पूरा segment ऐसा लगा जैसे हरियाणा की राजनीति और entertainment एक ही चौपाल पर बैठ गई हो।
ये सिर्फ comedy नहीं थी, ये बताता है कि हरियाणवी कलाकारों में कितनी sharp social understanding है। Humor के अंदर भी observation छुपा है।
सिर्फ Creator नहीं, Haryana का चेहरा है
Mahakaal Brothers Deepak Malik से मिलकर यही लगा कि ये बंदा entertainer जरूर है, लेकिन असल में वो Haryana का mirror है। गांव भी उसमें है, विदेश भी, भाईचारा भी और वो डर भी कि कहीं culture खो ना जाए। Peddler Media का यही मकसद है — कैमरे के सामने नहीं, इंसान के अंदर की कहानी दिखाना।
Peddler Media का ये podcast हमें याद दिलाता है कि हरियाणवी इंडस्ट्री सिर्फ गानों और views की नहीं ये इंसानों की इंडस्ट्री है। और Deepak जैसे लोग उस reality को सबसे देसी अंदाज में सामने रखते हैं।
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